इलाहाबाद। कुंभ के दौरान आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए लोकल
इंटेलीजेंस यूनिट और एसटीएफ के साथ एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड) का
दस्ता भी सक्रिय रहेगा। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 16 वॉच टावर लगाए
जाएंगे। दिसंबर के अंत तक खुफिया एजेंसियां संगमनगरी में अपना डेरा डाल
देंगी।
सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मेला क्षेत्र को छह सेक्टरों में बांटा गया
है। हर सेक्टर का प्रभारी एडिशनल एसपी को बनाया गया है। मेला कुल 14
सेक्टरों में बसेगा लिहाजा हर एक जोन में दो या तीन सेक्टर रहेंगे। हर
सेक्टर में दो थाने होंगे। इस तरह मेले की सुरक्षा के लिए परेड, झूंसी और
अरैल सहित तीन पुलिस लाइन, 30 थाने और 40 चौकियां बनेंगी। इन थानों की
निगरानी के लिए 14 क्षेत्राधिकारी और 50 इंस्पेक्टर मौजूद रहेंगे। 30
इंस्पेक्टरों को थानों का प्रभारी बनाया जाएगा। शेष क्राइम ब्रांच और
स्पेशल डयूटी में रहेंगे। मेले के दौरान 550 सब इंस्पेक्टरों की भी तैनाती
होगी। इनमें से 40 सब इंस्पेक्टरों को पुलिस चौकियों का प्रभारी बनाए जाएगा
शेष अन्य थानों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए जाएंगे। मेले की
सुरक्षा के लिए 450 हेड कांस्टेबल और 5800 सिपाही भी मौजूद रहेंगे। इसके
अलावा सेना, अर्द्वसैनिक बल और खुफिया एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी।
आतंकी घटनाओं पर नजर रखने के लिए एटीएस और एसटीएफ का दस्ता दिसंबर के अंतिम
सप्ताह में यहां आ जाएगा।
हर घाट पर मौजूद रहेगी जल पुलिस-
कुंभ के दौरान सभी प्रमुख 29 स्नान घाटों पर जल पुलिस के जवान मौजूद
रहेंगे। जल पुलिस के दस्ते में एक एक सीओ, एक इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर
और पीएसी की आठ फ्लड कंपनियां शामिल होंगी। हर कंपनी के पास 17-17 नावें
होंगी।
यातायात पुलिस भी रहेगी सक्रिय-
कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात
पुलिस के जवान भी तैनात रहेंगे। मेला डयूटी में तीन ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 12
टै्रफिक सब इंस्पेक्टर के साथ 350 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों को लगाया
जाएगा।
प्रमुख स्नान पर्वो पर नो इंट्री-
प्रमुख स्नान पर्वो के दौरान वीवीआइपी वाहनों की भी मेला क्षेत्र में
नो एंट्री रहेगी। सभी श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में पैदल ही प्रवेश करना
होगा। इस संबंध में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से दिसंबर में ही
निर्देश जारी कर दिया जाएगा।

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