शनिवार, 8 दिसंबर 2012

सात फरवरी को संत सम्मेलन में बनेगी रणनीति


इलाहाबाद। संगम तट पर त्याग और तपस्या का मेला कुंभ जल्द ही पूरे शबाब पर होगा। तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर लगने वाले इस मेले में मोक्ष की आस में जहां लाखों लोग संगम की रेती पर जप-तप करेंगे। वहीं धार्मिक नगरी में विश्व हिंदू परिषद के आला रणनीतिकारों का जमघट लगेगा, जो अयोध्या में श्रीराम की जन्मस्थली पर मंदिर निर्माण की रणनीति तैयार करेंगे। उसी के अनुरूप देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। विहिप यह काम खुद के बजाय संतों के नेतृत्व में करेगा ताकि आम जनमानस पर उसका प्रभाव पड़े। विहिप ने इसके लिए कुंभ में छह और सात फरवरी को संत सम्मेलन का आयोजन किया है जिसमें करीब 20 हजार संत-महात्मा शामिल होंगे। 

लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे इस कुंभ मेले पर सबकी नजर है। खासकर विहिप के रणनीतिकार इसे काफी गंभीरता से ले रहे हैं क्योंकि यह एकमात्र ऐसा स्थल है जहां लाखों लोगों तक वह अपनी बात को आसानी से पहुंचाने के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर सकते हैं। वर्ष 2013 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने के 21 साल पूरे होंगे जिसे देखते हुए विहिप इस मामले में ठोस फैसला लेकर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा, जिससे हिंदू जनमानस एकजुट होकर उनके पाले में आए। इस सिलसिले में विहिप की संत उच्चाधिकार समिति के अध्यक्ष गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ और संयोजक स्वामी परमानंद सक्रिय हैं। विहिप के प्रदेश प्रवक्ता शरद शर्मा के अनुसार विहिप का हर कार्य संतों के आशीर्वाद से हुआ है, आगे भी हम उसी के अनुरूप काम करेंगे।